नगरनिगम क्षेत्र के नालों की सफाई की मॉनिटरिंग पीएचईडी से रिटायर्ड इंजीनियर कर रहे हैं। इसके एवज में नगर निगम इन्हें 3 हजार रुपए रोजाना के देगा। यह पैसा उन्हें दैनिक कार्य के हिसाब से दिया जाएगा। निगम प्रशासन नाला सफाई के कार्य का थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन करवा रहा है। इस काम में पीएचईडी से रिटायर्ड चीफ इंजीनियर आरसी गोयल और रिटायर्ड एसई एके जैन लगाया है। उनको चार-चार जोन दिए गए हैं। वे एक नाले को तीन दफा देखेंगे। यानी सफाई से पहले नाला किस हालत में था और कार्य के दौरान सफाई का काम पूरा होने के बाद। इन इंजीनियरों को 3 हजार रु. रोजाना के हिसाब से भुगतान किया जाएगा और उनकी रिपोर्ट के आधार पर ही नाला सफाई कर रहे ठेकेदारों का भुगतान होगा। नगर निगम पहली बार नाला सफाई का काम दो अलग अलग चरणों में करवा रहा है। अभी सिर्फ नाला सफाई के वर्कआॅर्डर दिए गए हैं। सिविल कार्य के वर्कआॅर्डर ही नहीं दिए गए। सफाई का काम पूरा होने के बाद नालों को ढकने मरम्मत के कार्य के लिए वर्कआॅर्डर जारी किए जाएंगे। अब से पहले नाला सफाई का काम करने वाली फर्म ही सिविल वर्क भी करती थी। इन्हे एक ही वर्कआॅर्डर दिया जाता था।
अभी तक 500 नाले ही साफ हुए : शहर में करीब 900 छोटे बड़े नाले हैं। अभी तक 500 से ज्यादा नालों की सफाई हो चुकी है। निगम कमिश्नर के निर्देश हैं कि सफाई से पहले बाद नाले की फोटोग्राफी कर उसे निगम की वेबसाइट पर डाला जाए। इसके लिए क्षेत्रीय इंजीनियरों की टीम काम कर रही है। सभी जोनल आयुक्तों अधिशाषी अभियंताओं को निर्देश दिए गए हैं कि वे नालों की सफाई के दौरान मलबा तुरंत उठवाएं एवं नालों का निरंतर निरीक्षण करें।
इनका कहना है
नाला सफाई का थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन पीएचईडी के रिटायर्ड इंजीनियरों से इसलिए करवाया जा रहा है। ताकि सफाई काम में गड़बड़ी को रोका जा सके और काम की बेहतर मॉनिटरिंग हो सके। इसके एवज में एक दिन के मौका निरीक्षण के लिए उन्हें निगम भुगतान करेगा। - गिरिराज सिंह हाड़ा, चीफ इंजीनियर, नगर निगम
अभी तक 500 नाले ही साफ हुए : शहर में करीब 900 छोटे बड़े नाले हैं। अभी तक 500 से ज्यादा नालों की सफाई हो चुकी है। निगम कमिश्नर के निर्देश हैं कि सफाई से पहले बाद नाले की फोटोग्राफी कर उसे निगम की वेबसाइट पर डाला जाए। इसके लिए क्षेत्रीय इंजीनियरों की टीम काम कर रही है। सभी जोनल आयुक्तों अधिशाषी अभियंताओं को निर्देश दिए गए हैं कि वे नालों की सफाई के दौरान मलबा तुरंत उठवाएं एवं नालों का निरंतर निरीक्षण करें।
इनका कहना है
नाला सफाई का थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन पीएचईडी के रिटायर्ड इंजीनियरों से इसलिए करवाया जा रहा है। ताकि सफाई काम में गड़बड़ी को रोका जा सके और काम की बेहतर मॉनिटरिंग हो सके। इसके एवज में एक दिन के मौका निरीक्षण के लिए उन्हें निगम भुगतान करेगा। - गिरिराज सिंह हाड़ा, चीफ इंजीनियर, नगर निगम