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Tuesday, 23 June 2015
सड़क पर विरोध आफिसरो के छत पर पहुचा ४जी
शहरमें 4जी के जीबीएम माइक्रो-सेल अब सरकारी बिल्डिंग, बिजली पोल, रोड लाइट, सिटी बस स्टैंड शेल्टर पर भी लगाए जा सकेंगे। इसके लिए सरकार ने सभी विभागों को निर्देश गाइडलाइन जारी कर दी है। रिलायंस जियो इन्फोकॉम अब शहर में 4जी की बेहतर कनेक्टिविटी के लिए बिल्डिंग स्थान चिन्हित करेंगे। इसके बाद संबंधित विभाग से साथ मिलकर सर्वे करे तथा फिजिबल रिपोर्ट के बाद जीबीएम माइक्रो सेल लगा सकेंगे। जीबीएम माइक्रो-सेल अब तक लगते रही मोबाइल टावर का विकल्प है। शहर में मोबाइल टावरों से रेडिएशन के खतरे को देखते हुए पिछले लंबे समय से लोग विरोध कर रहे हैं। कई जगह टेलीकॉम कंपनियों को अपने टावर हटाने पड़े तथा उनकी क्षमता कम करनी पड़ी। वहीं 4 जी सेवा लेकर रही रिलायंस जियो इन्फोकॉम ने लोगों के विरोध को देखते हुए सरकारी भवनों पर भी जीबीएम माइक्रो-सेल लगाने पर सहमति हासिल कर ली है। टेलीकॉम कंपनी के प्रजेंटेशन के बाद सरकार ने सरकारी बिल्डिंगों, बिजली पोल, रोड लाइट, सिटी बस स्टेंड पर 4 जी के माइक्रो सेल जीबीएम लगाने की सहमति दे दी। इसको लेकर सरकार ने सभी सरकारी विभागों को पत्र भी लिख दिया है। जलदाय विभाग ने तो रिलायंस जियो इन्फोकॉम कंपनी के साथ मिलकर अपने भवनों टंकियों का सर्वे भी शुरू करवा दिया है। इसके लिए आला अफसरों ने सभी एक्सईएन को कंपनी के प्रतिनिधियों को सहयोग करने के निर्देश भी दिए है। टावर की तुलना में माइक्रो-सेल आसान माइक्रो-सेलजीबीएम मोबाइल टावर की तरह ही मोबाइल नेटवर्क बढ़ाने का विकल्प है। इसे बिल्डिंग, बिजली रोड़ लाइट के पोल तथा पानी की टंकी पर आसानी से लगाया जा सकता है। मोबाइल कनेक्टिविटी की समस्या को इस उपकरण से आसानी से दूर किया जा सकता है, ताकि कॉल ड्राॅप की समस्या नहीं हो। बताया जा रहा है कि यह तकनीक यूरोपीयन इकोफ्रेंडली कांसेप्ट पर आधारित है। इन बॉक्स में माइक्रो सेल यानी सिग्नल रिसीव करके कनेक्टिविटी पैदा करने का काम करेगा और जीबीएम यानी गेगा बाइट्स जो कि डाटा से रिलेटेड है और 3जी की तुलना में अधिक तेजी से वर्क करने के काम में सहयोग करेगा। 5 साल का 5 हजार रुपए किराया सरकारीविभाग की संपत्ति पर 4 जी का यूटीलिटी बॉक्स माइक्रो-सेल लगाने के बदले टेलीकॉम कंपनी की ओर से किराए के रूप में 5 साल के एकमुश्त 5 हजार रुपए देना निर्धारित किया गया है। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बनी थी कमेटी मुख्यसचिव की अध्यक्षता वाली कमेटी ने 31 अक्टूबर 2014 को सभी विभागों, संस्थाओं, निगमों की सरकारी बिल्डिंगों, बिजली पोल सहित अन्य पर जीबीएम माइक्रो-सेल लगाने पर सहमति दे दी थी। इसके बाद 11 नवंबर 2014 को अतिरिक्त मुख्य सचिव (यूडीएच) अशोक जैन की अध्यक्षता में मीटिंग हुई। इसमें पीडब्लूडी, डीएलबी, वन विभाग के अफसरों की रिलायंस जियो इन्फोकॉम के अफसरों के साथ बैठक हुई। इसमें नियम शर्तें तय हुई। पीडब्ल्यूडी के चीफ इंजीनियर (रोड) जी. एल. राव ने इस मीटिंग के मिनट्स जारी किए। 4जी टावर लगाने के विरोध में शहर में 100 से अधिक जगहों पर पिछले 6 माह में विरोध प्रदर्शन हो चुके हैं। ज्यादातर जगहों पर िबना अनुमति लगा दिए गए थे टावर।
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