प्रदेशके समस्त सरकारी विश्वविद्यालय के कुलपतियों को छुट्टी या लंबी यात्रा पर जाने से पहले कुलाधिपति (राज्यपाल) से स्वीकृति लेनी होगी। इस संबंध में सोमवार को राजभवन ने सभी कुलपतियों को दिशा-निर्देश देते हुए पत्र भेजे हैं।
राज्यपाल ने कहा है- विश्वविद्यालय के हित में गतिविधियों के कार्यक्रमों के लिए ही कुलपति यात्रा करें। राज्यपाल चाहते हैं कि वीसी शिक्षा संबंधी कार्यों में गुणवत्ता लाने में प्रशासनिक दक्षता का परिचय दें। कुलपति के लिए उनके विश्वविद्यालय की समस्याओं का निस्तारण, वहां की सुचारू शिक्षा व्यवस्था और विश्वविद्यालयों में प्रवेश से लेकर पदक प्रदान करने तक की व्यवस्थाओं का प्रभावी संचालन ही पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।
दरअसल प्रदेश में कुछ कुलपति विश्वविद्यालयों कॉलेजों में शैक्षणिक सम्मेलनों में भाग लेने के नाम पर गृह जिलों, पर्यटन स्थलों पर घूमने-फिरने में व्यस्त रहे हैं। ये लोग शैक्षणिक संस्थानों से औपचारिक आमंत्रण पत्र मंगाकर संबंधित विश्वविद्यालयों से इस टीए-डीए उठाकर अपना समय विश्वविद्यालयों के बाहर बिता रहे हैं। इस संबंध में राजभवन में कई बार कुछ शिक्षक शिकायत कर चुके हैं।
इसी कारण से राजभवन को इस संबंध में आदेश जारी कराने की जरूरत पड़ी है।
राज्यपाल ने कहा है- विश्वविद्यालय के हित में गतिविधियों के कार्यक्रमों के लिए ही कुलपति यात्रा करें। राज्यपाल चाहते हैं कि वीसी शिक्षा संबंधी कार्यों में गुणवत्ता लाने में प्रशासनिक दक्षता का परिचय दें। कुलपति के लिए उनके विश्वविद्यालय की समस्याओं का निस्तारण, वहां की सुचारू शिक्षा व्यवस्था और विश्वविद्यालयों में प्रवेश से लेकर पदक प्रदान करने तक की व्यवस्थाओं का प्रभावी संचालन ही पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।
दरअसल प्रदेश में कुछ कुलपति विश्वविद्यालयों कॉलेजों में शैक्षणिक सम्मेलनों में भाग लेने के नाम पर गृह जिलों, पर्यटन स्थलों पर घूमने-फिरने में व्यस्त रहे हैं। ये लोग शैक्षणिक संस्थानों से औपचारिक आमंत्रण पत्र मंगाकर संबंधित विश्वविद्यालयों से इस टीए-डीए उठाकर अपना समय विश्वविद्यालयों के बाहर बिता रहे हैं। इस संबंध में राजभवन में कई बार कुछ शिक्षक शिकायत कर चुके हैं।
इसी कारण से राजभवन को इस संबंध में आदेश जारी कराने की जरूरत पड़ी है।
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