देश समाचार

Tuesday, 23 June 2015

काउंसलिंग के लिए विकल्प भरने का एक और अवसर मिलेगा

मदसविवि की ओर से बीएसटीसी की काउंसलिंग में विकल्प भरने के लिए अभ्यर्थियों को एक और अवसर दिया गया है। जिन अभ्यर्थियों ने 17 जून 2015 तक अपना रजिस्ट्रेशन शुल्क जमा करवा दिया है, किंतु काउंसलिंग के लिए अपने विकल्प नहीं भरे हैं। ऐसे अभ्यर्थियों को एक और मौका दिया जाता है कि वह 24 तक अपने विकल्प आवश्यक रूप से भरें। यदि इस संबंध में उन्हें पासवर्ड संबंधी अथवा चालान वेरिफाई नहीं होने संबंधी कोई परेशानी रही हो तो वेबसाइट पर उपलब्ध दूरभाष संख्या तथा ईमेल आईडी पर संपर्क कर अथवा बीएसटीसी कार्यालय में व्यक्तिशः संपर्क कर अपना समाधान निकलवा लें तथा काउंसलिंग के लिए अपने विकल्प भर कॉलेज च्वाइस लाॅक करें। 24 जून को लिंक स्वतः ही निष्क्रिय हो जाएगा तथा शेष रहे अभ्यर्थियों को इसके पश्चात अभ्यर्थी को कोई अवसर प्रदान नहीं किया जाएगा। 

जयपुर-उदयपुर के लिए 15 से स्पाइस जेट की फ्लाइट

जयपुर-उदयपुरके लिए दो साल बाद स्पाइस जेट की फ्लाइट शुरू होगी। फ्लाई का वर्तमान में 15 जुलाई से संचालन होना है। इसके लिए एयरपोर्ट �'थोरिटी ने स्पाइस जेट एयरलाइन को मंजूरी दे दी है। फ्लाइट दिल्ली से वाया जयपुर होती हुई उदयपुर पहुंचेगी। जयपुर-उदयपुर की यह कनेक्टिविटी दो साल बाद शुरू होगी। वापसी में भी फ्लाइट का रूट यहीं रहेगा। इस संबंध में एयरपोर्ट अथॉरिटी ने महाराणा प्रताप एयरपोर्ट मैनेजमेंट को अनुमति भेज दिया है। फ्लाइट दिल्ली से सुबह 7 बजे रवाना होगी। 8 बजे जयपुर पहुंचेगी। जयपुर में 20 मिनट स्टॉपेज के बाद 8.20बजे उदयपुर के लिए रवाना हो जाएगी। उदयपुर में 9.20 बजे लैंडिंग होगी। उदयपुर से 20 मिनट स्टॉपेज के बाद 9.40 बजे जयपुर के लिए रवाना होगी। जयपुर से 10.40 बजे लैंडिंग होगी। यहां पर 20 मिनट स्टॉपेज के बाद 11 बजे दिल्ली रवाना होगी। 
क्यू-400में 75 यात्री कर सकेंगे सफर 
स्पाइसजेट मझले आकार का क्यू-400 मेक का क्राफ्ट संचालित होगा। यह 45 सीटर एटीआर से बड़ा और 140 सीटर एयरबस या बोइंग से छोटा है। छोटे कार्गो का परिवहन भी होगा। 

3 हजार रोजाना पर थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन करा रहा निगम

नगरनिगम क्षेत्र के नालों की सफाई की मॉनिटरिंग पीएचईडी से रिटायर्ड इंजीनियर कर रहे हैं। इसके एवज में नगर निगम इन्हें 3 हजार रुपए रोजाना के देगा। यह पैसा उन्हें दैनिक कार्य के हिसाब से दिया जाएगा। निगम प्रशासन नाला सफाई के कार्य का थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन करवा रहा है। इस काम में पीएचईडी से रिटायर्ड चीफ इंजीनियर आरसी गोयल और रिटायर्ड एसई एके जैन लगाया है। उनको चार-चार जोन दिए गए हैं। वे एक नाले को तीन दफा देखेंगे। यानी सफाई से पहले नाला किस हालत में था और कार्य के दौरान सफाई का काम पूरा होने के बाद। इन इंजीनियरों को 3 हजार रु. रोजाना के हिसाब से भुगतान किया जाएगा और उनकी रिपोर्ट के आधार पर ही नाला सफाई कर रहे ठेकेदारों का भुगतान होगा। नगर निगम पहली बार नाला सफाई का काम दो अलग अलग चरणों में करवा रहा है। अभी सिर्फ नाला सफाई के वर्कआॅर्डर दिए गए हैं। सिविल कार्य के वर्कआॅर्डर ही नहीं दिए गए। सफाई का काम पूरा होने के बाद नालों को ढकने मरम्मत के कार्य के लिए वर्कआॅर्डर जारी किए जाएंगे। अब से पहले नाला सफाई का काम करने वाली फर्म ही सिविल वर्क भी करती थी। इन्हे एक ही वर्कआॅर्डर दिया जाता था। 
अभी तक 500 नाले ही साफ हुए : शहर में करीब 900 छोटे बड़े नाले हैं। अभी तक 500 से ज्यादा नालों की सफाई हो चुकी है। निगम कमिश्नर के निर्देश हैं कि सफाई से पहले बाद नाले की फोटोग्राफी कर उसे निगम की वेबसाइट पर डाला जाए। इसके लिए क्षेत्रीय इंजीनियरों की टीम काम कर रही है। सभी जोनल आयुक्तों अधिशाषी अभियंताओं को निर्देश दिए गए हैं कि वे नालों की सफाई के दौरान मलबा तुरंत उठवाएं एवं नालों का निरंतर निरीक्षण करें। 
इनका कहना है 
नाला सफाई का थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन पीएचईडी के रिटायर्ड इंजीनियरों से इसलिए करवाया जा रहा है। ताकि सफाई काम में गड़बड़ी को रोका जा सके और काम की बेहतर मॉनिटरिंग हो सके। इसके एवज में एक दिन के मौका निरीक्षण के लिए उन्हें निगम भुगतान करेगा। - गिरिराज सिंह हाड़ा, चीफ इंजीनियर, नगर निगम 

पुलिस एक्ट में सकती है जीरो नंबरी एफआईआर

निष्क्रियकानूनों की समीक्षा कर समाप्त करने की कवायद में जुटी राज्य सरकार अब जीरो नंबरी एफआईआर को कानूनी जामा पहना सकती है। वर्तमान में एक सर्कुलर के आधार पर ही जीरो नंबरी एफआईआर दर्ज करने का प्रावधान है। लोगों की इसकी ज्यादा जानकारी भी नहीं है। पुलिस एक्ट अथवा रूल्स में शामिल किए जाने से कानूनी तौर पर इसकी मान्यता बढ़ जाएगी। 
गृह विभाग के सचिव संदीप वर्मा की अध्यक्षता में पुलिस कानूनों, रूल्स एवं समय-समय पर जारी सर्कुलर की समीक्षा को लेकर सोमवार को हुई एक बैठक में इस मसले पर चर्चा हुई। इसमें पुलिस, गृह विभाग, एसीबी, होमगार्ड और जेल विभाग के अधिकारियों ने हिस्सा लिया। गृह विभाग ने लंबी प्रक्रिया के बाद 95 पुलिस एक्ट, सर्कुलर एवं रूल्स चिह्नित किए गए, जो प्रचलित है। इनमें कई रूल्स, सर्कुलर एवं एक्ट ऐसे हैं जिनमें संशोधन या समाप्त अथवा मर्ज किया जा सकता है। 
गृह विभाग ने प्रदेश में प्रचलित रूल्स, सर्कुलर एवं एक्ट की सूची डीजीपी, डीजी एसीबी, डीजी होमगार्ड एवं जेल को भिजवा दी है। इसी सप्ताह गृह सचिव वर्मा पुलिस अधिकारियों से चर्चा कर उनकी राय जानेंगे। 


ताकि, मोटे तौर पर यह तय किया जा सके कि किन कानूनों को समाप्त किया जाना है। किन में संशोधन और किन कानूनों को आपस में मर्ज किया जा सकता है। पुलिस अधिकारियों की राय के बाद आगामी सोमवार को गृह विभाग की फिर से बैठक होगी। 
निष्क्रिय कानून हटाए जाएंगे 
राज्य सरकार की मंशा उन कानूनों को समाप्त करने की है जो निष्क्रिय हो चुके हैं। नए कानून बनने के बावजूद कुछ पुराने कानून भी समानांतर रुप से चल रहे हैं। कुछ रूल्स या सर्कुलर ऐसे हैं जिन्हें पुलिस एक्ट में मर्ज किया जा सकता है। 

छुट्टी यात्रा के लिए वीसी को गवर्नर से पूछना होगा

प्रदेशके समस्त सरकारी विश्वविद्यालय के कुलपतियों को छुट्टी या लंबी यात्रा पर जाने से पहले कुलाधिपति (राज्यपाल) से स्वीकृति लेनी होगी। इस संबंध में सोमवार को राजभवन ने सभी कुलपतियों को दिशा-निर्देश देते हुए पत्र भेजे हैं। 
राज्यपाल ने कहा है- विश्वविद्यालय के हित में गतिविधियों के कार्यक्रमों के लिए ही कुलपति यात्रा करें। राज्यपाल चाहते हैं कि वीसी शिक्षा संबंधी कार्यों में गुणवत्ता लाने में प्रशासनिक दक्षता का परिचय दें। कुलपति के लिए उनके विश्वविद्यालय की समस्याओं का निस्तारण, वहां की सुचारू शिक्षा व्यवस्था और विश्वविद्यालयों में प्रवेश से लेकर पदक प्रदान करने तक की व्यवस्थाओं का प्रभावी संचालन ही पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। 
दरअसल प्रदेश में कुछ कुलपति विश्वविद्यालयों कॉलेजों में शैक्षणिक सम्मेलनों में भाग लेने के नाम पर गृह जिलों, पर्यटन स्थलों पर घूमने-फिरने में व्यस्त रहे हैं। ये लोग शैक्षणिक संस्थानों से औपचारिक आमंत्रण पत्र मंगाकर संबंधित विश्वविद्यालयों से इस टीए-डीए उठाकर अपना समय विश्वविद्यालयों के बाहर बिता रहे हैं। इस संबंध में राजभवन में कई बार कुछ शिक्षक शिकायत कर चुके हैं। 

इसी कारण से राजभवन को इस संबंध में आदेश जारी कराने की जरूरत पड़ी है। 

सड़क पर विरोध आफिसरो के छत पर पहुचा ४जी

शहरमें 4जी के जीबीएम माइक्रो-सेल अब सरकारी बिल्डिंग, बिजली पोल, रोड लाइट, सिटी बस स्टैंड शेल्टर पर भी लगाए जा सकेंगे। इसके लिए सरकार ने सभी विभागों को निर्देश गाइडलाइन जारी कर दी है। रिलायंस जियो इन्फोकॉम अब शहर में 4जी की बेहतर कनेक्टिविटी के लिए बिल्डिंग स्थान चिन्हित करेंगे। इसके बाद संबंधित विभाग से साथ मिलकर सर्वे करे तथा फिजिबल रिपोर्ट के बाद जीबीएम माइक्रो सेल लगा सकेंगे। जीबीएम माइक्रो-सेल अब तक लगते रही मोबाइल टावर का विकल्प है। 
शहर में मोबाइल टावरों से रेडिएशन के खतरे को देखते हुए पिछले लंबे समय से लोग विरोध कर रहे हैं। कई जगह टेलीकॉम कंपनियों को अपने टावर हटाने पड़े तथा उनकी क्षमता कम करनी पड़ी। वहीं 4 जी सेवा लेकर रही रिलायंस जियो इन्फोकॉम ने लोगों के विरोध को देखते हुए सरकारी भवनों पर भी जीबीएम माइक्रो-सेल लगाने पर सहमति हासिल कर ली है। 
टेलीकॉम कंपनी के प्रजेंटेशन के बाद सरकार ने सरकारी बिल्डिंगों, बिजली पोल, रोड लाइट, सिटी बस स्टेंड पर 4 जी के माइक्रो सेल जीबीएम लगाने की सहमति दे दी। इसको लेकर सरकार ने सभी सरकारी विभागों को पत्र भी लिख दिया है। जलदाय विभाग ने तो रिलायंस जियो इन्फोकॉम कंपनी के साथ मिलकर अपने भवनों टंकियों का सर्वे भी शुरू करवा दिया है। इसके लिए आला अफसरों ने सभी एक्सईएन को कंपनी के प्रतिनिधियों को सहयोग करने के निर्देश भी दिए है। 
टावर की तुलना में माइक्रो-सेल आसान 
माइक्रो-सेलजीबीएम मोबाइल टावर की तरह ही मोबाइल नेटवर्क बढ़ाने का विकल्प है। इसे बिल्डिंग, बिजली रोड़ लाइट के पोल तथा पानी की टंकी पर आसानी से लगाया जा सकता है। मोबाइल कनेक्टिविटी की समस्या को इस उपकरण से आसानी से दूर किया जा सकता है, ताकि कॉल ड्राॅप की समस्या नहीं हो। बताया जा रहा है कि यह तकनीक यूरोपीयन इकोफ्रेंडली कांसेप्ट पर आधारित है। इन बॉक्स में माइक्रो सेल यानी सिग्नल रिसीव करके कनेक्टिविटी पैदा करने का काम करेगा और जीबीएम यानी गेगा बाइट्स जो कि डाटा से रिलेटेड है और 3जी की तुलना में अधिक तेजी से वर्क करने के काम में सहयोग करेगा। 
5 साल का 5 हजार रुपए किराया 
सरकारीविभाग की संपत्ति पर 4 जी का यूटीलिटी बॉक्स माइक्रो-सेल लगाने के बदले टेलीकॉम कंपनी की ओर से किराए के रूप में 5 साल के एकमुश्त 5 हजार रुपए देना निर्धारित किया गया है। 
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बनी थी कमेटी 
मुख्यसचिव की अध्यक्षता वाली कमेटी ने 31 अक्टूबर 2014 को सभी विभागों, संस्थाओं, निगमों की सरकारी बिल्डिंगों, बिजली पोल सहित अन्य पर जीबीएम माइक्रो-सेल लगाने पर सहमति दे दी थी। इसके बाद 11 नवंबर 2014 को अतिरिक्त मुख्य सचिव (यूडीएच) अशोक जैन की अध्यक्षता में मीटिंग हुई। इसमें पीडब्लूडी, डीएलबी, वन विभाग के अफसरों की रिलायंस जियो इन्फोकॉम के अफसरों के साथ बैठक हुई। इसमें नियम शर्तें तय हुई। पीडब्ल्यूडी के चीफ इंजीनियर (रोड) जी. एल. राव ने इस मीटिंग के मिनट्स जारी किए। 
4जी टावर लगाने के विरोध में शहर में 100 से अधिक जगहों पर पिछले 6 माह में विरोध प्रदर्शन हो चुके हैं। ज्यादातर जगहों पर िबना अनुमति लगा दिए गए थे टावर। 

शिक्षा मंत्री के बंगले में घुसे प्रदर्शनकारी पोलीस ने धक्के देकर निकाला

ग्रेड थर्ड शिक्षक भर्ती में नियुक्ति की मांग, 18 गिरफ्तार 
शिक्षामंत्री के बंगले में घुसे प्रदर्शनकारी 
पुलिस ने धक्के देकर निकाला 
1. सरकारतृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती परीक्षा 2013 की मेरिट में आने वाले आरटेट में 60 फीसदी से कम अंक वालों के दस्तावेज सत्यापन करे, उन्हें नियुक्ति दे।
2.सुप्रीमकोर्ट में चल रहे आरटेट से संबंधित मामले में सरकार उनके पक्ष में मजबूती से पैरवी करे। 
मांग इतनी-सी 
बाहर धरना-अंदर हंगामा...दूर तक दौड़भाग 
शिक्षा राज्यमंत्री वासुदेव देवनानी के अस्पताल रोड स्थित बंगले में सोमवार को ग्रेड थर्ड शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने दो घंटे तक हंगामा किया। शिक्षक भर्ती 2013 की मेरिट में आने वाले 60 फीसदी से कम अंक वालों को नियुक्ति की मांग थी, प्रदर्शनकारी बंगले में घुस गए। कुछ छत तक जा पहुंचे। पुलिस ने अभ्यर्थियों को धक्का देकर बाहर निकाला। फिर लाठियां भांजकर एसएमएस अस्पताल तक खदेड़ा। हंगामे के समय शिक्षा राज्यमंत्री घर पर नहीं थे। थाना प्रभारी रामप्रताप ने बताया कि शिक्षा मंत्री के घर में जबरन घुसने के मामले में 18 जनों को गिरफ्तार किया है। प्रदर्शनकारियों ने गार्ड के साथ धक्का-मुक्की की और राजकार्य में बाधा डाली है। इस संबंध में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।